PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2026 किसानों के लिए ₹24,000 करोड़ का बजट, जानें लाभ

PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2026:केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों के विकास और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM-DDKY) शुरू की है। इस योजना के तहत देश के 100 चयनित कृषि जिलों में खेती की उत्पादकता बढ़ाने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने, फसल भंडारण की सुविधाएं विकसित करने और किसानों के लिए कृषि ऋण की उपलब्धता बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी और 11 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत की। योजना वित्त वर्ष 2025-26 से छह साल के लिए लागू की गई है। इसका वार्षिक परिव्यय ₹24,000 करोड़ निर्धारित किया गया है।

जरूरी बात: ₹24,000 करोड़ का बजट प्रत्येक किसान को सीधे मिलने वाली रकम नहीं है। यह योजना चयनित जिलों में कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के विकास के लिए है। किसानों को मिलने वाली वास्तविक सुविधाएं जिले की कार्ययोजना और संबंधित सरकारी योजनाओं के नियमों पर निर्भर करेंगी।

PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana 2026 किसानों के लिए ₹24,000 करोड़ का बजट, जानें लाभ

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केंद्र सरकार की एक कृषि विकास पहल है। इसका उद्देश्य उन जिलों में कृषि सुविधाओं को बेहतर बनाना है जहां खेती की उत्पादकता कम है, फसल सघनता कम है या किसानों को संस्थागत कृषि ऋण कम मिल पाता है।

इस योजना में 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं के बीच समन्वय किया जाएगा। साथ ही, राज्य सरकारों की योजनाओं और स्थानीय स्तर पर निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल किया जा सकता है।

इसका मतलब है कि सरकार नई नकद भुगतान योजना चलाने के बजाय पहले से उपलब्ध योजनाओं और सुविधाओं को चयनित जिलों की जरूरतों के अनुसार प्रभावी ढंग से लागू करने पर ध्यान दे रही है।

योजना की मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नामप्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
अंग्रेजी नामPrime Minister Dhan-Dhaanya Krishi Yojana
संक्षिप्त नामPM-DDKY
मंजूरी16 जुलाई 2025
शुरुआत11 अक्टूबर 2025
लक्षित जिले100 कृषि जिले
अवधिछह साल
शुरुआत का वित्त वर्ष2025-26
वार्षिक परिव्यय₹24,000 करोड़
संबंधित मंत्रालयकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
आधिकारिक पोर्टलpmddky.niti.gov.in

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के मुख्य उद्देश्य

  • खेती की उत्पादकता बढ़ाना-योजना के तहत कम कृषि उत्पादकता वाले जिलों में खेती की स्थिति सुधारने पर जोर दिया जाएगा। स्थानीय जरूरतों के अनुसार कृषि सुविधाओं और मौजूदा योजनाओं के समन्वय से किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
  • सिंचाई की सुविधाओं में सुधार-जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं, वहां सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। इससे बारिश पर निर्भरता कम करने और उपलब्ध पानी का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
  • फसल विविधीकरण को बढ़ावा-किसानों को स्थानीय मिट्टी, जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फसलों में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना भी योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
  • फसल भंडारण की व्यवस्था मजबूत करना-पंचायत और ब्लॉक स्तर पर फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। इससे फसल को सुरक्षित रखने और कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • कृषि ऋण की उपलब्धता बेहतर करना-किसानों के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

किसानों को क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं?

इस योजना का लाभ चयनित जिलों में लागू कृषि विकास गतिविधियों और संबंधित सरकारी योजनाओं के माध्यम से मिल सकता है।

लाभ का क्षेत्रसंभावित लाभ
कृषि उत्पादकताखेती और उत्पादन सुधारने पर ध्यान
सिंचाईसिंचाई सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार
फसल भंडारणपंचायत और ब्लॉक स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाना
फसल विविधीकरणअलग-अलग फसलों और टिकाऊ खेती को प्रोत्साहन
कृषि ऋणसंस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच
स्थानीय रोजगारकृषि और संबद्ध गतिविधियों में आजीविका के अवसर
सरकारी योजनाएंमौजूदा योजनाओं का बेहतर समन्वय

इन लाभों की उपलब्धता हर जिले में एक जैसी होना जरूरी नहीं है। वास्तविक लाभ स्थानीय कार्ययोजना, स्वीकृत परियोजनाओं और संबंधित योजना की पात्रता पर निर्भर करेंगे।

किन जिलों को योजना में शामिल किया गया है?

योजना के लिए 100 जिलों की पहचान मुख्य रूप से तीन संकेतकों के आधार पर की गई है:

  • कृषि उत्पादकता कम होना।
  • फसल सघनता कम होना।
  • कृषि ऋण का वितरण कम होना।

जिलों की संख्या तय करते समय शुद्ध फसल क्षेत्र और परिचालन जोतों में राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की हिस्सेदारी को भी ध्यान में रखा गया है। सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रत्येक राज्य से कम से कम एक जिले को शामिल करने का प्रावधान रखा गया।

अपने जिले की जानकारी देखने के लिए PM-DDKY आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जिले और प्रदर्शन डैशबोर्ड से संबंधित जानकारी देख सकते हैं।

राजस्थान के किसानों के लिए योजना की जानकारी

राजस्थान के किसान भी इस योजना और संबंधित कृषि सुविधाओं की जानकारी आधिकारिक पोर्टल तथा अपने जिला कृषि विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।

योजना के आधिकारिक डैशबोर्ड में राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर जैसे जिलों से संबंधित जानकारी दिखाई देती है। हालांकि, जिले का योजना में शामिल होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वहां के हर किसान को सीधे नकद सहायता मिलेगी।

राजस्थान के किसान अपने जिले में सिंचाई, फसल भंडारण, कृषि ऋण और अन्य संबंधित सुविधाओं के क्रियान्वयन के बारे में जिला कृषि अधिकारी से जानकारी ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

PM-DDKY का क्रियान्वयन जिला स्तर की कृषि कार्ययोजनाओं और पहले से चल रही सरकारी योजनाओं के समन्वय से किया जाता है। इसलिए इसे ऐसी योजना नहीं समझना चाहिए जिसमें हर किसान एक सामान्य फॉर्म भरकर निश्चित रकम प्राप्त कर सके।

जानकारी और संबंधित सुविधाओं के लिए ये कदम अपनाएं:

  • आधिकारिक वेबसाइट खोलें-pmddky.niti.gov.in पर योजना और जिले से संबंधित जानकारी देखें।
  • अपने जिला कृषि विभाग से संपर्क करें-जिले में कौन-सी गतिविधियां और सुविधाएं लागू की जा रही हैं, इसकी जानकारी लें।
  • संबंधित योजना की पात्रता जांचें-यदि कोई लाभ किसी दूसरी सरकारी योजना के माध्यम से दिया जा रहा है, तो उसके नियम अलग से पढ़ें।
  • दस्तावेज तैयार रखें-संबंधित योजना के अनुसार आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, भूमि संबंधी दस्तावेज या किसान पंजीकरण की जानकारी मांगी जा सकती है।
  • आवेदन की स्थिति की पुष्टि करें-आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से पता करें कि सुविधा उपलब्ध है या नहीं और आवेदन किस पोर्टल पर करना है। हर लाभ के लिए एक ही दस्तावेज सूची या एक ही आवेदन प्रक्रिया लागू नहीं होती।

क्या किसानों को ₹24,000 करोड़ मिलेंगे?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का वार्षिक परिव्यय ₹24,000 करोड़ निर्धारित किया गया है। यह राशि चयनित कृषि जिलों में योजना के व्यापक क्रियान्वयन के लिए है।

इसे सभी किसानों के बैंक खातों में बराबर बांटने वाली राशि नहीं माना जाना चाहिए। योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण और ऋण सुविधाओं में सुधार करना है। किसी किसान को अलग से अनुदान, ऋण या दूसरी सहायता मिलती है या नहीं, यह संबंधित सरकारी योजना के नियमों पर निर्भर करेगा।

Important Links – महत्वपूर्ण लिंक

लिंक का नामलिंक
PM-DDKY आधिकारिक वेबसाइटयहां क्लिक करें
योजना के बारे मेंयहां क्लिक करें
योजना की मंजूरी का सरकारी विवरणयहां क्लिक करें
योजना की शुरुआत का विवरणयहां क्लिक करें
सरकारी योजना से जुड़ी अन्य पोस्टयहां क्लिक करें

महत्वपूर्ण सूचना

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का उद्देश्य 100 चयनित कृषि जिलों में कृषि और उससे जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। ₹24,000 करोड़ का वार्षिक परिव्यय सभी किसानों को सीधे मिलने वाली रकम नहीं है। आवेदन, पात्रता और सहायता से संबंधित अंतिम जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित जिला कृषि विभाग से पुष्टि करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।

आधिकारिक स्रोत

नोट:-योजना के बारे में अधिक जानकारी आप इन आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं, और संपूर्ण जानकारी इन आधिकारिक स्रोतों पर उपलब्ध करवाई गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?

उत्तर:
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत 100 चयनित कृषि जिलों में खेती की उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण और कृषि ऋण की सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

प्रश्न 2. यह योजना कब शुरू हुई?

उत्तर:
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को औपचारिक रूप से शुरू किया।

प्रश्न 3. योजना में कितने जिले शामिल हैं?

उत्तर:
इस योजना का लक्ष्य देश के 100 चयनित कृषि जिलों का विकास करना है।

प्रश्न 4. योजना का बजट कितना है?

उत्तर:
योजना का वार्षिक परिव्यय ₹24,000 करोड़ है। यह योजना के क्रियान्वयन के लिए है, न कि प्रत्येक किसान को मिलने वाली नकद राशि।

प्रश्न 5. क्या सभी किसानों को सीधे पैसे मिलेंगे?

उत्तर:
नहीं। PM-DDKY को सभी किसानों के लिए एक समान नकद भुगतान योजना के रूप में घोषित नहीं किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि सुविधाओं और संबंधित योजनाओं में सुधार करना है।

प्रश्न 6. योजना में किसानों को कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं?

उत्तर:
कृषि उत्पादकता, सिंचाई, फसल भंडारण, फसल विविधीकरण और संस्थागत कृषि ऋण की उपलब्धता में सुधार से जुड़े लाभ मिल सकते हैं। वास्तविक सुविधा स्थानीय क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

प्रश्न 7. क्या राजस्थान के किसान इस योजना से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं?

उत्तर:
हां। किसान आधिकारिक PM-DDKY पोर्टल और अपने जिला कृषि विभाग से अपने जिले में लागू गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 8. योजना के लिए आवेदन कहां करना होगा?

उत्तर:
योजना का मुख्य क्रियान्वयन जिला स्तरीय कृषि कार्ययोजनाओं और मौजूदा योजनाओं के समन्वय से होता है। किसी खास सहायता के लिए आवेदन संबंधित योजना के पोर्टल या विभाग के माध्यम से करना पड़ सकता है।

प्रश्न 9. योजना की आधिकारिक वेबसाइट क्या है?

उत्तर:
योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmddky.niti.gov.in है।

प्रश्न 10. क्या योजना में शामिल जिले का हर किसान पात्र होगा?

उत्तर:
जिले का चयन होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक किसान को हर सुविधा अपने आप मिल जाएगी। किसी विशेष लाभ के लिए संबंधित योजना की पात्रता और स्थानीय क्रियान्वयन की जानकारी जांचना जरूरी है।

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