राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026: पशु पालन से शुरू करें स्वरोजगार, मिलेगी 50% तक सब्सिडी

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026:ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं, किसानों और पशुपालकों के लिए बकरी पालन स्वरोजगार का एक अच्छा विकल्प बन सकता है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission – NLM) योजना के तहत पशुपालन से जुड़े उद्यम शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

इस योजना के Entrepreneurship Development Programme (NLM-EDP) के अंतर्गत भेड़ और बकरी प्रजनन फार्म स्थापित करने के लिए पात्र आवेदकों को परियोजना लागत का 50% तक पूंजीगत अनुदान मिल सकता है। अलग-अलग परियोजनाओं के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा तय है, जो कुछ गतिविधियों में ₹50 लाख तक हो सकती है।

यह योजना केवल बकरी पालन तक सीमित नहीं है। इसमें ग्रामीण पोल्ट्री, सूअर पालन, भेड़ पालन और चारा विकास से जुड़े उद्यम भी शामिल हैं। आइए जानते हैं राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी पालन का व्यवसाय कैसे शुरू किया जा सकता है और आवेदन की प्रक्रिया क्या है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026

राष्ट्रीय पशुधन मिशन क्या है?

राष्ट्रीय पशुधन मिशन केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित योजना है। इसका उद्देश्य पशुधन क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देना, नस्ल सुधार करना, पशु उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तैयार करना है।

इस योजना को वर्ष 2014-15 में शुरू किया गया था। बाद में वित्त वर्ष 2021-22 से इसे नए स्वरूप में लागू किया गया, जिसमें रोजगार और उद्यम विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन उप-मिशन हैं:

  • पशुधन और पोल्ट्री नस्ल विकास: भेड़, बकरी, सूअर और ग्रामीण पोल्ट्री से जुड़े उद्यमों तथा नस्ल सुधार को प्रोत्साहन।
  • चारा एवं फीड विकास: गुणवत्तापूर्ण चारा बीज, साइलेज, हे बेलिंग और फीड से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा।
  • अनुसंधान, विस्तार एवं नवाचार: पशुपालन क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण, बीमा और नई तकनीकों को प्रोत्साहन।

बकरी पालन से स्वरोजगार के लिए कितनी सब्सिडी मिलेगी?

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत पात्र भेड़ और बकरी प्रजनन फार्म की परियोजना लागत पर 50% तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।

सब्सिडी की अधिकतम राशि परियोजना के आकार और निर्धारित इकाई के अनुसार तय होती है।

बकरी/भेड़ इकाई का आकारअधिकतम सब्सिडी
100 मादा + 5 नर₹10 लाख
200 मादा + 10 नर₹20 लाख
300 मादा + 15 नर₹30 लाख
400 मादा + 20 नर₹40 लाख

यहां बताई गई राशि अधिकतम सब्सिडी सीमा है। वास्तविक अनुदान स्वीकृत परियोजना लागत और योजना के नियमों के अनुसार तय होगा।

ध्यान दें: यह सामान्य रूप से कुछ बकरियां खरीदकर घर पर पालन शुरू करने वाली हर छोटी इकाई के लिए मिलने वाली सब्सिडी नहीं है। इस घटक में निर्धारित आकार और शर्तों के अनुसार बकरी एवं भेड़ प्रजनन फार्म स्थापित करना होता है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन में कौन आवेदन कर सकता है?

योजना के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत अलग-अलग पात्र संस्थाएं और व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं।

  • व्यक्तिगत उद्यमी।
  • किसान उत्पादक संगठन (FPO)।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG)।
  • संयुक्त देयता समूह (JLG)।
  • किसान सहकारी संगठन (FCO)।
  • कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत पंजीकृत कंपनी।

आवेदक को संबंधित परियोजना के लिए निर्धारित तकनीकी, वित्तीय और अन्य शर्तें पूरी करनी होंगी। केवल आवेदन करने से सब्सिडी स्वीकृत नहीं होती।

बकरी पालन परियोजना के लिए क्या-क्या जरूरी है?

बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करने से पहले परियोजना की योजना बनाना जरूरी है। इसमें पशुओं की संख्या, शेड, चारा, पानी, स्वास्थ्य और बाजार की व्यवस्था शामिल होती है।

मुख्य जरूरतें इस प्रकार हैं:

  • बकरियों के लिए पर्याप्त और उपयुक्त जगह।
  • निर्धारित संख्या में मादा और नर बकरियां।
  • पशुओं के लिए हवादार और सुरक्षित शेड।
  • साफ पानी और पौष्टिक चारे की व्यवस्था।
  • पशु चिकित्सा और टीकाकरण की सुविधा।
  • नस्ल और प्रजनन प्रबंधन की जानकारी।
  • बकरियों और उनके उत्पादों को बेचने के लिए बाजार की योजना।

परियोजना की लागत और आवश्यक संसाधन का विवरण DPR यानी Detailed Project Report में दिया जाता है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत किन अन्य व्यवसायों को सहायता मिलती है?

राष्ट्रीय पशुधन मिशन केवल बकरी पालन के लिए नहीं है। इसके उद्यमिता विकास कार्यक्रम में कई अन्य गतिविधियां भी शामिल हैं।

व्यवसाय या परियोजनाअधिकतम सब्सिडी की सीमा
ग्रामीण पोल्ट्री प्रजनन फार्म₹25 लाख तक
भेड़ एवं बकरी पालनइकाई के अनुसार ₹10-50 लाख तक
सूअर पालनपरियोजना के अनुसार ₹15-30 लाख तक
चारा उत्पादन और वैल्यू एडिशन यूनिट₹50 लाख तक
घोड़ा, ऊंट और गधा प्रजनन फार्मपरियोजना के अनुसार सहायता

सभी परियोजनाओं की इकाई का आकार, पात्रता और अनुदान सीमा अलग-अलग है। आवेदन से पहले संबंधित गतिविधि की विस्तृत गाइडलाइन पढ़ें।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन और परियोजना की जांच के दौरान सामान्य रूप से निम्न दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:

  • आधार कार्ड और पहचान प्रमाण।
  • पते का प्रमाण।
  • पैन कार्ड।
  • बैंक खाते का विवरण।
  • पासपोर्ट साइज फोटो।
  • परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR)।
  • जमीन या स्थान से संबंधित दस्तावेज अथवा वैध लीज संबंधी प्रमाण।
  • पशुपालन और प्रस्तावित इकाई से जुड़ी जानकारी।
  • संस्था के मामले में पंजीकरण प्रमाणपत्र और संबंधित दस्तावेज।
  • बैंक ऋण या वित्तीय व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज।
  • योजना के आवेदन पोर्टल पर मांगे गए अन्य प्रमाणपत्र।

दस्तावेजों की अंतिम सूची परियोजना और आवेदक की श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

योजना के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन करने के लिए सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • सबसे पहले NLM के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर जाएं।
  • पोर्टल पर उपलब्ध रजिस्ट्रेशन या आवेदन विकल्प खोलें।
  • अपनी श्रेणी और प्रस्तावित परियोजना का चयन करें।
  • व्यक्तिगत या संस्था से संबंधित जानकारी भरें।
  • बकरी पालन इकाई का आकार और परियोजना का विवरण दर्ज करें।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • परियोजना की DPR और वित्तीय जानकारी जमा करें।
  • आवेदन सबमिट करने से पहले सभी विवरण जांचें।
  • आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।

आवेदन जमा करने के बाद परियोजना की जांच और आगे की प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों तथा बैंक के माध्यम से होती है।

सब्सिडी मिलने की प्रक्रिया क्या है?

राष्ट्रीय पशुधन मिशन का उद्यमिता विकास कार्यक्रम क्रेडिट-लिंक्ड योजना है। इसका मतलब है कि परियोजना के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण की व्यवस्था और योजना की स्वीकृति महत्वपूर्ण होती है।

सामान्य प्रक्रिया में ये चरण शामिल होते हैं:

  • ऑनलाइन आवेदन और परियोजना प्रस्ताव जमा करना।
  • राज्य की कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा आवेदन की जांच।
  • बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण संबंधी प्रक्रिया।
  • राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा।
  • संबंधित विभाग द्वारा परियोजना और सब्सिडी की स्वीकृति।
  • निर्धारित शर्तें पूरी होने पर सब्सिडी जारी करना।

सब्सिडी की राशि निर्धारित प्रक्रिया और परियोजना की प्रगति के अनुसार किस्तों में जारी हो सकती है। आवेदक को अपनी परियोजना में निर्धारित नियमों के अनुसार स्वयं की हिस्सेदारी या वित्तीय व्यवस्था भी करनी पड़ सकती है।

क्या बकरी पालन के लिए जमीन खरीदने पर सब्सिडी मिलेगी?

योजना के तहत सब्सिडी परियोजना की निर्धारित पात्र लागत पर मिलती है। जमीन खरीदने, जमीन का किराया या लीज खर्च और सामान्य कार्यशील पूंजी जैसे खर्चों को पात्र परियोजना लागत में शामिल नहीं माना जाता।

इसलिए आवेदन से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-कौन से खर्च योजना के तहत मान्य हैं। केवल जमीन खरीदने या बकरियां खरीदने के लिए अलग से सब्सिडी मिलने की गारंटी नहीं है।

बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

बकरी पालन में आमदनी पशुओं की नस्ल, स्वास्थ्य, प्रजनन, चारे की उपलब्धता और बाजार की मांग पर निर्भर करती है। इसलिए केवल सब्सिडी देखकर व्यवसाय शुरू नहीं करना चाहिए।

  • अपने क्षेत्र के मौसम के अनुकूल नस्ल चुनें।
  • पशुओं की खरीद विश्वसनीय स्रोत से करें।
  • टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।
  • शेड में साफ-सफाई और हवा की व्यवस्था रखें।
  • चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करें।
  • स्थानीय बाजार और बिक्री के विकल्प पहले समझें।
  • परियोजना की लागत और संभावित आय का व्यावहारिक आकलन करें।

Important Links (महत्वपूर्ण लिंक)

लिंक का नामलिंक
National Livestock Mission Official WebsiteNLM Official Website
NLM Online Application PortalNLM Apply Online
Department of Animal Husbandry & DairyingDAHD Official Website
NLM Scheme GuidelinesNLM Guidelines PDF
Government Schemes CategoryGovernment Schemes

महत्वपूर्ण सूचना

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत सब्सिडी पात्र परियोजना, निर्धारित इकाई के आकार, वित्तीय व्यवस्था और विभागीय स्वीकृति पर निर्भर करती है। 50% सब्सिडी का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को कुल परियोजना लागत का आधा पैसा बिना किसी शर्त के मिल जाएगा। आवेदन करने से पहले नवीनतम योजना दिशा-निर्देश और पात्र खर्चों की सूची जरूर पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. राष्ट्रीय पशुधन मिशन क्या है?

उत्तर:
राष्ट्रीय पशुधन मिशन केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता, नस्ल सुधार, चारा विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

प्रश्न 2. क्या राष्ट्रीय पशुधन मिशन में बकरी पालन के लिए सब्सिडी मिलती है?

उत्तर:
हां, निर्धारित आकार के भेड़ और बकरी प्रजनन फार्म स्थापित करने के लिए पात्र परियोजनाओं पर 50% तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है।

प्रश्न 3. बकरी पालन योजना में अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

उत्तर:
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत अलग-अलग परियोजनाओं के लिए सब्सिडी की सीमा अलग है। भेड़ और बकरी पालन की पात्र परियोजना में अधिकतम सहायता ₹50 लाख तक हो सकती है।

प्रश्न 4. क्या छोटा किसान भी राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लिए आवेदन कर सकता है?

उत्तर:
व्यक्तिगत उद्यमी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें संबंधित परियोजना के लिए निर्धारित इकाई आकार, वित्तीय और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

प्रश्न 5. बकरी पालन के लिए कितनी बकरियां होनी चाहिए?

उत्तर:
योजना के निर्धारित प्रजनन फार्म घटक में न्यूनतम इकाई 100 मादा और 5 नर बकरियों की है। इससे बड़ी इकाइयों के लिए भी प्रावधान हैं।

प्रश्न 6. क्या राष्ट्रीय पशुधन मिशन में बैंक लोन जरूरी है?

उत्तर:
यह क्रेडिट-लिंक्ड योजना है। परियोजना के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान से ऋण संबंधी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। स्वीकृति और वित्तीय व्यवस्था योजना के नियमों के अनुसार होती है।

प्रश्न 7. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के लिए आवेदन कहां करें?

उत्तर:
योजना के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए NLM के ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

प्रश्न 8. क्या बकरी पालन के लिए जमीन खरीदने पर सब्सिडी मिलेगी?

उत्तर:
नहीं, जमीन खरीदने, किराये या लीज के खर्च को सामान्य रूप से पात्र सब्सिडी लागत में शामिल नहीं किया जाता।

प्रश्न 9. क्या स्वयं सहायता समूह भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

उत्तर:
हां, पात्र स्वयं सहायता समूह (SHG) राष्ट्रीय पशुधन मिशन के उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत आवेदन कर सकते हैं।

प्रश्न 10. क्या राष्ट्रीय पशुधन मिशन में केवल बकरी पालन के लिए सहायता मिलती है?

उत्तर:
नहीं, इसमें भेड़ पालन, ग्रामीण पोल्ट्री, सूअर पालन, चारा विकास और अन्य निर्धारित पशुधन उद्यम भी शामिल हैं।

11 thoughts on “राष्ट्रीय पशुधन मिशन 2026: पशु पालन से शुरू करें स्वरोजगार, मिलेगी 50% तक सब्सिडी”

  1. Mujhe dugdh utpada karne ke liye aachchha nasl ka gay chahiye jiske liye mujhe 500000 tak ka sahayta rashi chahiye jisse mera farm sucharu rup se chal sake🙏🙏

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  2. Mujhe dugdh utpada karne ke liye aachchha nasl bakri chahiye jiske liye mujhe 40000tak ka sahayta rashi chahiye jisse mera farm sucharu rup se chal sake

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  3. स्वसाहायता समूह के लिए नगर पंचायत कुंरा मे गोट फार्मिंग करना चाहता हूँ थाना धरसींवा जिला रायपुर cg

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