मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026: किसानों के बच्चों को ₹60,000 सालाना

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026:उत्तर प्रदेश में कृषि और उससे जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे किसान परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का विस्तार किया गया है। इस योजना का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों को कृषि शिक्षा की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद देना है।

हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, योजना के तहत छात्रवृत्ति की मासिक राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है। इस बदलाव के बाद पात्र विद्यार्थी को एक वर्ष में ₹60,000 तक की सहायता मिल सकती है। साथ ही, छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित सीटों की संख्या भी दोगुनी की गई है, जिससे पहले के मुकाबले अधिक विद्यार्थियों को अवसर मिल सकेगा।

यह योजना सामान्य कॉलेज छात्रवृत्ति से अलग है, क्योंकि इसका दायरा कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों पर केंद्रित है। कृषि के अलावा उद्यान, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों में पढ़ रहे विद्यार्थी भी निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ के दायरे में आ सकते हैं।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना की मुख्य जानकारी

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना
अंग्रेजी नामCM Krishak Scholarship Scheme
राज्यउत्तर प्रदेश
संबंधित संस्थाउत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद
मुख्य लाभार्थीकिसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के पात्र विद्यार्थी
मासिक छात्रवृत्ति₹5,000
सालाना छात्रवृत्ति₹60,000
पहले की सालाना राशि₹36,000
पहले निर्धारित कुल सीटें1,410
संशोधित कुल सीटें2,820
चयन का आधारमेरिट और निर्धारित पात्रता
अध्ययन क्षेत्रकृषि और संबंधित विषय
आधिकारिक वेबसाइटemandi.up.gov.in

छात्रवृत्ति की राशि कितनी मिलेगी?

योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति की मासिक राशि बढ़ाकर ₹5,000 कर दी गई है। पहले पात्र विद्यार्थियों को ₹3,000 प्रतिमाह की दर से सहायता दी जाती थी। संशोधित दर के अनुसार पूरे 12 महीने की गणना करने पर वार्षिक राशि ₹60,000 होती है।

विवरणपहलेसंशोधित व्यवस्था
मासिक सहायता₹3,000₹5,000
12 महीने की गणना के अनुसार राशि₹36,000₹60,000
सालाना अतिरिक्त सहायता–₹24,000

इस बदलाव के बाद पात्र विद्यार्थियों को एक वर्ष में पहले के मुकाबले ₹24,000 अधिक सहायता मिल सकती है। वास्तविक भुगतान योजना के नियमों, पात्रता, स्वीकृति और संबंधित संस्थान की प्रक्रिया के अनुसार होगा।

योजना के तहत कितनी सीटें होंगी?

छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें 1,410 से बढ़ाकर 2,820 की गई हैं। योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में पढ़ रहे पात्र विद्यार्थियों को दिया जाता है।

संस्थान का प्रकारपहले निर्धारित सीटेंसंशोधित सीटें
कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि संस्थान45 प्रति संस्थान90 प्रति संस्थान
कृषि महाविद्यालय15 प्रति महाविद्यालय30 प्रति महाविद्यालय
कुल निर्धारित सीटें1,4102,820

सीटों की संख्या बढ़ने का उद्देश्य अधिक मेधावी विद्यार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है। हालांकि, सीटें बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदन स्वीकार होगा। चयन मेरिट और योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी को उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए और उसका संबंध किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से होना जरूरी है। इसके अलावा, जिस पाठ्यक्रम में विद्यार्थी पढ़ रहा है, वह योजना के दायरे में आने वाले संस्थान और विषय से संबंधित होना चाहिए।

पात्रता की शर्तजानकारी
निवासउत्तर प्रदेश का निवासी
पारिवारिक पृष्ठभूमिकिसान या खेतिहर मजदूर परिवार
आश्रित विद्यार्थीपात्र किसान या खेतिहर मजदूर पर पूर्ण रूप से आश्रित पुत्र या पुत्री
स्नातक स्तरइंटरमीडिएट परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम अंक
स्नातकोत्तर स्तरस्नातक परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम अंक
संस्थानपात्र सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय, कृषि संस्थान या कृषि महाविद्यालय
चयनमेरिट के आधार पर
पाठ्यक्रमकृषि और योजना में शामिल संबंधित विषय

कृषक की पात्रता से संबंधित पुराने प्रकाशित योजना नियमों में आवेदन की तारीख पर भू-अभिलेखों में कृषि भूमि दर्ज होने की शर्त बताई गई है। खेतिहर मजदूर परिवारों और उन पर पूर्ण रूप से आश्रित विद्यार्थियों की पात्रता के लिए संबंधित संस्थान से वर्तमान नियमों की पुष्टि करें।

कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?

योजना में चयन के लिए शैक्षणिक प्रदर्शन महत्वपूर्ण है। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम अंकों की शर्त अलग है।

पाठ्यक्रमन्यूनतम अंक
स्नातक पाठ्यक्रम, यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएटकम से कम 70%
स्नातक पाठ्यक्रम, अन्य बोर्ड से इंटरमीडिएटकम से कम 85%
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमस्नातक स्तर पर कम से कम 70%

ये अंक योजना के प्रकाशित नियमों में दिए गए मानकों पर आधारित हैं। आवेदन से पहले संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से यह सुनिश्चित करें कि संशोधित योजना के अंतर्गत आपके पाठ्यक्रम के लिए यही मानक लागू हैं।

किन विषयों के विद्यार्थियों को लाभ मिल सकता है?

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। इसके अंतर्गत कृषि और संबंधित विषयों में पढ़ रहे पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित सीटों के अनुसार छात्रवृत्ति दी जाती है।

विषय या पाठ्यक्रमयोजना में संभावित पात्रता
कृषि स्नातकपात्र संस्थान और निर्धारित नियमों के अनुसार
कृषि स्नातकोत्तरनिर्धारित अंक और पात्रता पूरी करने पर
गृह विज्ञान स्नातकयोजना के अंतर्गत निर्धारित सीटों के अनुसार
गृह विज्ञान स्नातकोत्तरयोजना के अंतर्गत निर्धारित सीटों के अनुसार
उद्यानसंबंधित पाठ्यक्रम और संस्थान पात्र होने पर
वानिकीसंबंधित पाठ्यक्रम और संस्थान पात्र होने पर
पशुपालनसंबंधित पाठ्यक्रम और संस्थान पात्र होने पर
कृषि से संबंधित अन्य विषयविश्वविद्यालय या महाविद्यालय से पात्रता की पुष्टि आवश्यक

केवल किसी विषय का नाम सूची से मेल खाने पर छात्रवृत्ति स्वीकृत नहीं होती। विद्यार्थी को पात्र संस्थान में पढ़ाई, आवश्यक अंक और पारिवारिक पात्रता की शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

आवेदन कैसे करें?

इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया सामान्य NSP छात्रवृत्ति से अलग हो सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन और प्रमाणपत्र संबंधित शिक्षण संस्थान के सक्षम अधिकारी के माध्यम से जमा किए जाते हैं। इसलिए विद्यार्थी को सबसे पहले अपने विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के छात्र कल्याण कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

चरणक्या करें?
1अपने कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के छात्र कल्याण कार्यालय से संपर्क करें
2मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के लिए वर्तमान आवेदन प्रक्रिया पूछें
3अपने पाठ्यक्रम और संस्थान की पात्रता की पुष्टि करें
4इंटरमीडिएट या स्नातक की अंकतालिका तैयार रखें
5किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से संबंधित मांगे गए प्रमाणपत्र जुटाएं
6निर्धारित आवेदन पत्र और दस्तावेज संबंधित अधिकारी के पास जमा करें
7आवेदन की रसीद या जमा किए गए दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
8मेरिट सूची, सत्यापन और चयन से जुड़ी सूचना के लिए संस्थान से संपर्क बनाए रखें

इस योजना के लिए नई आवेदन अंतिम तारीख की पुष्टि उपलब्ध समाचार जानकारी से नहीं होती। इसलिए किसी पुरानी तारीख के आधार पर आवेदन करने या अंतिम तारीख मान लेने के बजाय अपने संस्थान से वर्तमान सत्र की सूचना प्राप्त करें।

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज तैयार रखें?

दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित संस्थान और आवेदन निर्देशों के अनुसार तय होगी। नीचे दिए गए कागजात पहले से तैयार रखना उपयोगी हो सकता है।

दस्तावेजउद्देश्य
इंटरमीडिएट की अंकतालिकास्नातक पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता की पुष्टि
स्नातक की अंकतालिकास्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए अंकों की पुष्टि
उत्तर प्रदेश निवास प्रमाणपत्रराज्य संबंधी पात्रता की पुष्टि
किसान परिवार का प्रमाणपारिवारिक पात्रता की जांच
खेतिहर मजदूर से संबंधित प्रमाणजहां लागू हो, पात्रता की पुष्टि
कॉलेज या विश्वविद्यालय का पहचानपत्रवर्तमान संस्थान और पाठ्यक्रम का विवरण
प्रवेश प्रमाणपत्रपाठ्यक्रम में प्रवेश की पुष्टि
फोटो और पहचान संबंधी दस्तावेजआवेदन पत्र के निर्देशों के अनुसार
बैंक खाते का विवरणजहां भुगतान के लिए आवश्यक हो

यह सामान्य तैयारी सूची है, अंतिम अनिवार्य सूची नहीं। किसी दस्तावेज को बनवाने या जमा करने से पहले संबंधित संस्थान से उसकी जरूरत और स्वीकार्य प्रारूप पूछ लें।

आधिकारिक वेबसाइट और सहायता

उद्देश्यलिंक
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषदemandi.up.gov.in
मंडी परिषद से संबंधित जानकारीemandi.up.gov.in
आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजसंबंधित कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय का छात्र कल्याण कार्यालय
अन्य छात्रवृत्ति योजनाएंscholarship

आवेदन से पहले जरूरी बातें

  • छात्रवृत्ति की संशोधित राशि ₹5,000 प्रतिमाह यानी सालाना ₹60,000 है।
  • निर्धारित सीटों की संख्या 1,410 से बढ़ाकर 2,820 की गई है।
  • यह योजना कृषि और संबंधित विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे पात्र विद्यार्थियों के लिए है।
  • किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से संबंध और उत्तर प्रदेश का निवासी होना महत्वपूर्ण शर्तें हैं।
  • स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के लिए न्यूनतम अंकों की शर्त अलग है।
  • नई आवेदन तारीख की पुष्टि अपने संस्थान से करें।
  • चयन मेरिट और पात्रता के अनुसार होगा; आवेदन करने से छात्रवृत्ति मिलना सुनिश्चित नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में कितने रुपये मिलेंगे?

उत्तर:
संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को ₹5,000 प्रतिमाह यानी सालाना ₹60,000 तक सहायता मिल सकती है।

प्रश्न 2. छात्रवृत्ति की सीटें कितनी कर दी गई हैं?

उत्तर:
निर्धारित सीटें 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी गई हैं।

प्रश्न 3. स्नातक के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए?

उत्तर:
प्रकाशित नियमों के अनुसार यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में कम से कम 70% और अन्य बोर्ड से कम से कम 85% अंक की शर्त है।

प्रश्न 4. स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए कितने अंक जरूरी हैं?

उत्तर:
प्रकाशित नियमों में स्नातक स्तर पर कम से कम 70% अंक का मानक दिया गया है।

प्रश्न 5. आवेदन कहां करना होगा?

उत्तर:
अपने कृषि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय के छात्र कल्याण कार्यालय से संपर्क करें। वहीं से वर्तमान आवेदन प्रक्रिया, फॉर्म और दस्तावेजों की जानकारी लें।

प्रश्न 6. क्या 2026-27 के आवेदन शुरू हो गए हैं?

उत्तर:
उपलब्ध समाचार जानकारी में नई आवेदन अंतिम तारीख की पुष्टि नहीं है। संबंधित विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से वर्तमान सत्र की स्थिति जांचें।

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