PM Kusum Yojana 2026:किसान अब खेती के लिए सोलर पंप लगाकर डीजल और बिजली पर होने वाला खर्च कम कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ परिस्थितियों में किसान अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर उत्पादित बिजली स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) को बेच भी सकते हैं। इन उद्देश्यों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना शुरू की गई थी।
इस योजना में सोलर पंप लगाने, पहले से लगे बिजली वाले कृषि पंपों का सोलराइजेशन करने और जमीन पर ग्रिड से जुड़े सोलर बिजली संयंत्र लगाने के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं। पात्रता और वित्तीय सहायता योजना के घटक, राज्य के नियम और स्वीकृत परियोजना पर निर्भर करती है।
जरूरी बात: PM-KUSUM योजना की मूल स्वीकृत अवधि 31 मार्च 2026 तक बताई गई थी। इसलिए 2026 में नया आवेदन करने से पहले अपने राज्य के पोर्टल पर वर्तमान आवेदन, लक्ष्य और स्वीकृत बजट की स्थिति जरूर जांचें।
PM Kusum Yojana 2026 क्या है?
प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना, किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करना, डीजल पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करना है।
इस योजना के तीन प्रमुख घटक हैं:
- Component A: जमीन पर ग्रिड से जुड़ा सोलर बिजली संयंत्र लगाना और नियमों के अनुसार बिजली डिस्कॉम को बेचना।
- Component B: बिजली ग्रिड से दूर या ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में स्वतंत्र सोलर कृषि पंप लगाना।
- Component C: पहले से ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन करना या कृषि फीडर को सौर ऊर्जा से जोड़ना।
किसान की जरूरत के अनुसार इन घटकों के नियम और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती हैं।
योजना की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान |
| अंग्रेजी नाम | Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan |
| संक्षिप्त नाम | PM-KUSUM |
| संबंधित मंत्रालय | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| मुख्य उद्देश्य | सौर ऊर्जा से सिंचाई और कृषि आय के अवसर बढ़ाना |
| प्रमुख घटक | Component A, Component B और Component C |
| सोलर पंप सहायता | पात्रता और लागू लागत के अनुसार |
| सोलर प्लांट | निर्धारित शर्तों के अधीन 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक |
| आधिकारिक पोर्टल | PM-KUSUM National Portal |
| राजस्थान पोर्टल | Rajasthan PM-KUSUM Portal |
किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है?
PM-KUSUM के तहत सोलर पंप और पहले से लगे ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों के सोलराइजेशन के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान रहा है। सामान्य राज्यों में पात्र लागत पर केंद्र की 30% केंद्रीय वित्तीय सहायता और राज्य सरकार की कम-से-कम 30% सहायता का ढांचा लागू रहा है। बाकी लागत किसान को देनी पड़ सकती है।
विशेष श्रेणी के राज्यों और क्षेत्रों के लिए केंद्र की सहायता अलग हो सकती है। सब्सिडी की गणना सामान्यतः MNRE की बेंचमार्क लागत या टेंडर में तय कीमत जो लागू नियमों के अनुसार कम हो-के आधार पर की जाती है।
| सहायता का हिस्सा | सामान्य राज्यों में प्रचलित ढांचा |
| केंद्र सरकार | पात्र लागत का 30% |
| राज्य सरकार | कम-से-कम 30% |
| किसान का हिस्सा | शेष 40% |
ध्यान दें: यह एक सामान्य योजना-ढांचा है, हर राज्य और हर आवेदन के लिए वर्तमान स्वीकृति की गारंटी नहीं। राज्य की सहायता, लागू लागत, उपलब्ध लक्ष्य और नवीनतम आदेशों के अनुसार किसान का वास्तविक भुगतान अलग हो सकता है। आवेदन से पहले आधिकारिक राज्य पोर्टल पर जानकारी जरूर जांचें।
PM-KUSUM योजना के तीनों घटक समझें
Component A: खेत में सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचें-इस घटक के तहत किसान या पात्र समूह अपनी जमीन पर ग्रिड से जुड़ा सोलर बिजली संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। निर्धारित नियमों के अनुसार संयंत्र की क्षमता 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक हो सकती है।
इसमें किसान के पास आम तौर पर ये विकल्प होते हैं:
- अपनी जमीन पर पात्र सोलर प्लांट स्थापित करना।
- किसानों के समूह, सहकारी समिति, पंचायत, किसान उत्पादक संगठन (FPO) या जल उपयोगकर्ता संघ के साथ परियोजना लगाना।
- किसी डेवलपर को जमीन पट्टे पर देना, यदि संबंधित परियोजना और राज्य के नियम इसकी अनुमति दें।
उत्पादित बिजली स्थानीय DISCOM खरीद सकती है। बिजली की खरीद दर राज्य नियामक और लागू बिजली खरीद समझौते (PPA) के अनुसार तय होती है।
राजस्थान के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, Component A के अंतर्गत प्रस्तावित जमीन निकटतम बिजली सबस्टेशन से 5 किलोमीटर के भीतर होनी चाहिए। इस शर्त और अन्य तकनीकी नियमों की पुष्टि आवेदन से पहले करें।
क्या बिजली बेचकर कमाई निश्चित है? नहीं। कमाई सोलर प्लांट की क्षमता, बिजली उत्पादन, स्वीकृत टैरिफ, ग्रिड कनेक्शन, रखरखाव और बिजली खरीद समझौते पर निर्भर करती है।
Component B: सोलर कृषि पंप लगाएं-इस घटक का उद्देश्य उन क्षेत्रों में स्वतंत्र सोलर कृषि पंप उपलब्ध कराना है जहां कृषि सिंचाई के लिए बिजली ग्रिड उपलब्ध नहीं है या डीजल पंप का इस्तेमाल होता है।
इस घटक की प्रमुख बातें:
- पात्र किसान स्वतंत्र सोलर कृषि पंप के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- डीजल पंप के स्थान पर सोलर पंप लगाने में मदद मिल सकती है।
- सामान्य योजना-ढांचे में 7.5 HP तक के पंपों के लिए केंद्रीय सहायता का प्रावधान रहा है।
- इससे सिंचाई में डीजल खर्च और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो सकती है।
यदि पंप की क्षमता 7.5 HP से अधिक है, तो कुछ परिस्थितियों में बड़ा पंप स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन केंद्रीय सहायता निर्धारित सीमा के अनुसार सीमित हो सकती है।
Component C: मौजूदा कृषि पंप को सोलराइज करें-यदि किसान का कृषि पंप पहले से बिजली ग्रिड से जुड़ा है, तो Component C के तहत उसका सोलराइजेशन किया जा सकता है। इस घटक में व्यक्तिगत पंपों के सोलराइजेशन के साथ कृषि फीडर के सोलराइजेशन का भी प्रावधान है।
इसके संभावित लाभ हैं:
- सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग।
- पारंपरिक बिजली पर निर्भरता में कमी।
- लागू व्यवस्था के अनुसार अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेचने का अवसर।
अतिरिक्त बिजली बेचने की सुविधा और भुगतान की दर संबंधित राज्य के नियमों, मीटरिंग व्यवस्था और बिजली खरीद समझौते पर निर्भर करेगी।
सोलर पंप के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
अंतिम पात्रता राज्य के नियमों और आवेदन के समय उपलब्ध योजना घटक पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर पात्र किसान को निम्न बातें जांचनी चाहिए:
- वह संबंधित राज्य का किसान हो और राज्य की निर्धारित शर्तें पूरी करता हो।
- उसके पास कृषि भूमि या संबंधित सिंचाई व्यवस्था के वैध दस्तावेज हों।
- पंप की क्षमता और परियोजना निर्धारित तकनीकी नियमों के अनुसार हो।
- संबंधित जिले या श्रेणी के लिए आवेदन और लक्ष्य उपलब्ध हों।
- पहले से प्राप्त समान सहायता या अन्य प्रतिबंधों से संबंधित नियमों का पालन हो।
किसान समूह, सहकारी समितियां, पंचायतें, FPO और जल उपयोगकर्ता संघ कुछ घटकों के अंतर्गत पात्र हो सकते हैं। प्रत्येक घटक की पात्रता अलग से जांचना जरूरी है।
PM Kusum Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन संबंधित राज्य की नामित कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से होता है। सभी राज्यों में एक ही आवेदन पोर्टल या एक ही समयसीमा लागू नहीं होती।
आवेदन करने से पहले ये कदम अपनाएं:
- राष्ट्रीय पोर्टल देखें: PM-KUSUM National Portal पर योजना और वर्तमान दिशानिर्देशों की जानकारी देखें।
- राज्य का पोर्टल खोलें: राजस्थान के किसान Rajasthan PM-KUSUM Portal पर संबंधित घटक, नोटिस और आवेदन की स्थिति देखें।
- सही घटक चुनें: सोलर पंप के लिए Component B, मौजूदा पंप के सोलराइजेशन के लिए Component C या सोलर बिजली संयंत्र के लिए Component A की जानकारी जांचें।
- पात्रता और लक्ष्य की पुष्टि करें: आवेदन शुरू है या नहीं और आपके जिले में लक्ष्य उपलब्ध है या नहीं, यह संबंधित विभाग से पता करें।
- दस्तावेज तैयार रखें: आधार या अन्य पहचान दस्तावेज, भूमि रिकॉर्ड, बैंक खाते की जानकारी, कृषि पंप/बिजली कनेक्शन का विवरण और फोटो जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। अंतिम सूची राज्य के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
- आधिकारिक प्रक्रिया से आवेदन करें: केवल संबंधित विभाग द्वारा अधिकृत पोर्टल या एजेंसी के माध्यम से आवेदन और भुगतान करें।
- आवेदन की स्थिति देखें: आवेदन संख्या सुरक्षित रखें और पोर्टल पर उपलब्ध ट्रैकिंग सुविधा से स्थिति जांचें।
राजस्थान के किसान कहां संपर्क करें?
राजस्थान में PM-KUSUM से जुड़ी जानकारी के लिए राज्य का आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध है। यहां Component A, B और C से संबंधित जानकारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज, सूचीबद्ध एजेंसियां और आवेदन ट्रैक करने के विकल्प मिल सकते हैं।
राजस्थान पोर्टल पर उद्यानिकी विभाग का पता इस प्रकार दिया गया है:उद्यानिकी विभाग, राजस्थान,पंत कृषि भवन, जनपथ, सी-स्कीम, जयपुर, राजस्थान – 302005. ईमेल: DDH.HQ.HORT@RAJASTHAN.GOV.IN किसान आवेदन की वर्तमान स्थिति, अपने जिले में उपलब्ध लक्ष्य और पात्रता के बारे में संबंधित जिला अधिकारी से पुष्टि कर सकते हैं।
Important Links – महत्वपूर्ण लिंक
| लिंक का नाम | लिंक |
| PM-KUSUM National Portal | प्रधानमंत्री कुसुम योजना का राष्ट्रीय पोर्टल |
| PM-KUSUM Scheme FAQs | योजना के आधिकारिक सवाल-जवाब |
| MNRE – PM-KUSUM Scheme | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की योजना जानकारी |
| PIB – योजना की प्रगति और वित्तीय सहायता | PM-KUSUM Benefits and Financial Assistance |
| राजस्थान PM-KUSUM पोर्टल | Rajasthan State Solar Water Pumping System |
| राजस्थान में आवेदन ट्रैक करें | Track Application |
| राजस्थान में जरूरी दस्तावेज | Important Documents |
| सरकारी योजनाओं की अन्य पोस्ट | Govt Schemes |
महत्वपूर्ण सूचना
PM-KUSUM योजना के तहत सब्सिडी, आवेदन और बिजली बिक्री के नियम राज्य तथा योजना के घटक के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। केंद्र की मूल योजना अवधि 31 मार्च 2026 तक निर्धारित थी, इसलिए 2026 में नया आवेदन करने से पहले नवीनतम सरकारी आदेश, योजना की अवधि, उपलब्ध लक्ष्य और आवेदन की स्थिति की पुष्टि करें। किसी निजी वेबसाइट या अनधिकृत एजेंट को सब्सिडी दिलाने के नाम पर पैसे न दें। आवेदन और भुगतान केवल अधिकृत सरकारी पोर्टल या नामित एजेंसी के निर्देशों के अनुसार करें।
